Guru Purnima Celebration

One of the most prominent celebrations in Indian culture, ‘Guru Purnima’ was celebrated with reverence and enthusiasm at Vagdevi Vidyapeeth International School, Khargone on 14 July 2022.

The celebrations commenced with the presentation of the musical Saraswati-Vandana by the junior students. The Head of the School Mr. D. Govind described the importance of ‘Guru’ while explaining the meaning of the word ‘Guru’ in his speech that the word “Guru” originates from Sanskrit, where “Gu” means ignorance or darkness and “Ru” denotes the ‘elimination or removal’. Thus, a Guru is the one who frees us of the darkness of ignorance and shows us the path of light of knowledge and guides our lives.

This was followed by the dance-filled ‘Guru Vandana’ by the senior students to mark the importance of the day. Among the various activities organized on this day, the junior students also participated in the ‘Greeting Card Making’ activity and senior students participated in the ‘Thali Decoration’ activity too.

Students actively participated in these activities which enhanced their creativity and skills like teamwork, time-management, planning, communication skills, ideation, cooperation, conflict resolution, accountability, unity, and diversity while working in the groups.

The junior students dedicated greeting cards made by them in school to their teachers. The senior students decorated several beautiful Thalis in groups of three.

On this occasion, students also expressed their views about their Gurus. The students thanked their Gurus by offering tilak and celebrated Guru Purnima by expressing their gratitude to the gurus. Head of the School Shri D Govind thanked the students for celebrating Guru Purnima festival.

To further understand the importance of Guru Purnima – why we celebrate it and the history of Guru Purnima, please follow the link to this page on the school website: www.vidyapeeth.net/guru-purnima

भारतीय संस्कृति के प्रमुख पर्वों में एक गुरु पूर्णिमा उत्सव 14 जुलाई 2022 को “वाग्देवी विद्यापीठ इंटरनेशनल स्कूल खरगोन में श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

गुरु पूर्णिमा समारोह का प्रारंभ कनिष्ठ छात्रों द्वारा संगीतमयी सरस्वती-वंदना की प्रस्तुति के साथ हुआ। Head of the School श्री डी गोविन्द ने अपने उद्बोधन में ‘गुरु’ शब्द का अर्थ बताते हुए ‘गुरु’ का महत्त्व प्रतिपादित किया । उन्होंने बताया कि “गुरु” शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है, जहाँ “गु” का अर्थ अज्ञान या अंधकार है और “रु” का अर्थ है अज्ञान को दूर करने वाला । इस प्रकार “गुरु” वह है जो हमें अज्ञानरूपी अन्धकार से हटाकर ज्ञानरूपी प्रकाश की ओर मार्ग दिखाता है और हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है।

ज्येष्ठ छात्रों द्वारा नृत्यमयी गुरु वंदना की प्रस्तुति दी गई। कनिष्ठ छात्रों ने Greeting Card Making गतिविधि में भाग लिया तथा ज्येष्ठ छात्रों द्वारा विद्यालय द्वारा आयोजित थाली सजावट गतिविधि में प्रतिभागिता की गई।

इन गतिविधियों के अन्तर्गत समूह में कार्य करते हुए छात्र सहकार्य (Teamwork), समय-प्रबंधन, योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना, बेहतर संवाद, विचार-विनिमय, सहयोग, मतभेद-समाधान, सामूहिक दायित्व, ‘अनेकता में एकता व शक्ति’ जैसे गुणों से व्यावहारिक रूप से परिचित हुए।
कनिष्ठ छात्रों के समूह ने अपने शिक्षा-गुरुओं को Greeting Card बनाकर उन्हें समर्पित किया। ज्येष्ठ छात्रों ने ३-३ के समूह में अनेक सुन्दर थालियों को सजाया।

इस अवसर पर छात्रों ने गुरुओं के बारे में अपने विचार भी व्यक्त किए।
छात्रों ने अपने शिक्षा-गुरुओं को तिलक लगाकर उनका धन्यवाद ज्ञापित किया और गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करके गुरु पूर्णिमा मनाई। Head of the School श्री डी गोविन्द ने गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाने के लिए छात्रों को धन्यवाद दिया।

गुरु पूर्णिमा के महत्त्व को विस्तार से समझने के लिए – हम इसे क्यों मनाते हैं और गुरु पूर्णिमा का इतिहास जानने हेतु स्कूल की वेबसाइट पर www.vidyapeeth.net/guru-purnima इस पृष्ठ को देखें।

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